संस्कृत प्रथम पाठ वर्ग आठ सुभाषितानी।

      सुभाषितानी [“सुभाषितानी” शब्द सुभाषित का बहुवचन है, इसका अर्थ ‘कई सुभाषित’ होता है। ‘सुभाषित’ शब्द की उत्पत्ति ‘सु’ और ‘भाषित’ के योग से हुई है जिनका अर्थ क्रमशः सुन्दर, मधुर या प्रिय और वचन, वाणी या कथन होता हैं। इस प्रकार ‘सुभाषित’ का शाब्दिक अर्थ ‘सुंदर या मधुर वचन’ होता है। प्रस्तुत पाठ … Read more

बहादुर

बहादुर (Bahadur):-   ‘बहादुर’ शीर्षक कहानी का प्रश्नोत्तर :- प्रश्न संख्या – 1 लेखक को क्यों लगता है कि जैसे उस पर एक भारी दायित्व आ गया हो? उत्तर – लेखक के लिए कई कारणों से अपनी पत्नी निर्मला हेतु एक नौकर रखना अनिवार्य हो गया था और सौभाग्यवश बहादुर के रूप में उसे एक … Read more

मानव मूत्र का रंग पीला क्यों होता है?

मानव मूत्र (Manav Mutra):- मानव मूत्र से संबंधित कई ऐसे प्रश्न हैं जो लोगों को बचपन से लेकर पचपन तक पीछा छोड़ने को तैयार नहीं है। बहुत सारे बच्चे तो 10-12 वर्ष की आयु तक अपने बिछावन पर ही पेशाब कर देते हैं। माता-पिता अक्सर शिक्षकों या बड़ों से अपने ऐसे बच्चों की शिकायत करते … Read more

नागरी लिपि

प्रिय शिक्षार्थियों! Vidyapuri.in के इस पेज पर आपके समक्ष एक नये अध्याय “नागरी लिपि” की प्रश्नोत्तरी प्रस्तुत कर रहा हूं। आपके महत्वपूर्ण सुझाव की प्रतीक्षा रहेगी।  प्रश्न संख्या – 1 देवनागरी लिपि के अक्षरों में स्थिरता कैसे आयी है? उत्तर – देवनागरी लिपि के अक्षरों में स्थिरता इनके टाइप बनने और उस टाइप से पुस्तकों के … Read more

नाखून क्यों बढ़ते हैं।

प्रिय शिक्षार्थियों! Vidyapuri.in के इस पोस्ट में प्रस्तुत पाठ “नाखून क्यों बढ़ते हैं” के प्रश्नोत्तर के साथ – साथ पाठ में प्रयोग किये गये मुहावरे का अर्थ, संयुक्त शब्दों का संधि-विच्छेद, कठिन शब्दों का शब्दार्थ, शब्दों की समझ को आसान बनाने हेतु चित्रों का प्रयोग, पारिभाषिक शब्दों की परिभाषा, पाठ का सारांश आदि का सटीक … Read more

भारत से हम क्या सीखें

‘भारत से हम क्या सीखें’ शीर्षक पाठ का प्रश्नोत्तर लिखें। प्रश्न संख्या – 01 समस्त भूमंडल में सर्वविद् सम्पदा और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण देश भारत है। – लेखक ने ऐसा क्यों कहा है? उत्तर – समस्त भूमंडल में सर्वविद् सम्पदा और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण देश भारत है। लेखक ने ऐसा इसलिए कहा है … Read more

विष के दांत

‘विष के दांत’ शीर्षक पाठ का सारांश लिखें। – ‘विष के दांत’ शीर्षक कहानी नलिन विलोचन शर्मा जी की प्रसिद्ध रचना है। प्रस्तुत पाठ ‘विष के दांत तथा अन्य कहानियां’ नामक कहानी संग्रह से लिया गया है। इस कहानी के माध्यम से समाज के मध्यम वर्गीय परिवारों का अंतर्विरोध व्यापक रूप से उजागर होता है। … Read more

श्रम विभाजन और जातिप्रथा

 श्रम विभाजन और जाति प्रथा पाठ का सारांश  ‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ डॉ भीमराव अम्बेडकर का सुप्रसिद्ध भाषण ‘एनीहिलेशन ऑफ कास्ट’ का हिंदी में भाषांतरित ‘जाति-भेद का उच्छेद’ का संशोधित संस्करण (वर्जन) है। ‘जाति-भेद का उच्छेद’ के रूप में यह भाषांतरण ललई सिंह यादव के द्वारा किया गया।              … Read more