“भाषा किसे कहते हैं? (भाषा की परिभाषा, अर्थ, स्वरूप, प्रकार एवं विशेषताएँ)” | Bhasha Kise Kahate Hain

Bhasha Kise Kahate Hain, यदि आप जानना चाहते हैं कि भाषा किसे कहते हैं, भाषा की परिभाषा क्या है, मौखिक भाषा किसे कहते हैं (Maukhik Bhasha Kise Kahate Hain) तथा लिखित भाषा किसे कहते हैं (Likhit Bhasha Kise Kahate Hain) , तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी है। इस लेख में भाषा का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, स्वरूप, प्रकार, भाषा की उत्पत्ति के प्रमुख सिद्धांत तथा परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर सरल एवं विस्तृत भाषा में दिए गए हैं।

1.भाषा किसे कहते हैं ? Bhasha Kise Kahate Hain?

→ प्राणि अपने मन के भावों या विचारों का आदान-प्रदान जिस माध्यम से करते हैं उसे भाषा कहते हैं।

जैसे:- हिंदी, अंग्रेजी, नेपाली, संस्कृत, बंग्ला, पंजाबी, मैथिली, भोजपुरी, मराठी आदि।

2.“ भाषा ” शब्द की उत्पत्ति और अर्थ :-

“भाषा” शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के “भाष्” धातु में ‘टाप्’ (आ) प्रत्यय के योग से हुई है जिसका अर्थ ‘बोलना’ अथवा ‘कहना’ होता है।

3. ‘भाषा’ का शाब्दिक परिचय:-

उत्पत्ति संस्कृत के भाष् धातु।
अर्थ बोलना या कहना।
अंग्रेजी Language .
लिंग स्त्रीलिंग।
पर्यायवाची शब्द वाणी, बोली, वचन, कथन, वाक्, ।
बहु वचनभाषाएँ , भाषाओं।
संज्ञाभाववाचक संज्ञा
विशेषणभाषाई / भाषिक

4. भाषा के प्रमुख कार्य :-

(i) भावों,  विचारों या सूचनाओं के आदान – प्रदान का प्रमुख साधन होना।

(ii) आत्मचिंतन या आत्ममंथन  का साधन होना।

(iii) साहित्यिक रचनाओं या गीत – संगीत आदि के माध्यम से मनोरंजन प्रदान करना।

(iv) सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान करना।

[जैसे:- यदि कोई व्यक्ति नेपाली भाषा बोलता हैं तो उसके नेपाली पृष्ठभूमि या सामाजिक परिवेश का ज्ञान होता है।]

(v) व्यक्तित्व का परिचय प्रदान करना।

[जैसे:- यदि कोई व्यक्ति शिष्ट और विनम्र भाषा का प्रयोग करता है तो इससे उसके अच्छे व्यक्तित्व और सुसंस्कार का परिचय प्राप्त होता है। ]

5. मनुष्य को भाषा की आवश्यकता क्यों पड़ी?

→ मनुष्य जब पारिवारिक और सामाजिक प्राणी के रूप में अपना जीवन जीना प्रारंभ किया तो उन्हें अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति तथा भावों, विचारों और सूचनाओं को एक-दूसरे के साथ आदान-प्रदान करने के लिए भाषा की आवश्यकता पड़ी।

6. भाषा की विशेषताएं :-

★ भाषा सामाजिक संपत्ति है।

★ भाषा अर्जित संपत्ति है।

★ भाषा व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है।

★ भाषा सर्वव्यापक है।

★ भाषा की सबसे छोटी या लघुत्तम इकाई ‘ध्वनि’ है।

★ भाषा की मध्यम इकाई ‘शब्द’ है।

★ भाषा की सबसे बड़ी इकाई ‘वाक्य’ है।

★ ध्वनि, अर्थ और वाक्य भाषा के तीन अंग है।

★ मौखिक भाषा की सबसे छोटी या आधारभूत इकाई ‘ध्वनि’ है।

★ लिखित भाषा की सबसे छोटी या आधारभूत इकाई ‘वर्ण’ है।

★ दुनिया की लगभग सभी प्रमुख भाषाएं 12 भाषा परिवार में विभाजित है।

★ संस्कृत भाषा को ‘देवभाषा’ या ‘देववाणी’ कहा जाता है।

★ फ्रेंच भाषा को ‘प्रेम की भाषा’ कहा जाता है।

★ अंग्रेजी को “अंतरराष्ट्रीय सम्पर्क और विज्ञान की भाषा” कहा जाता है।

★ इटालियन भाषा को “संगीत की भाषा” कहा जाता है।

7. भाषा के स्वरूप :-

(i) मौखिक भाषा ( Oral Language)
(ii) लिखित भाषा ( Written Language)
(iii) सांकेतिक भाषा (Sign Language)

8. मौखिक भाषा किसे कहते हैं ? (Maukhik Bhasha Kise Kahate Hain) :-

भाषा का वह स्वरुप, जिसके माध्यम से हम बोलकर और सुनकर अपने भावों, विचारों या सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं, उसे मौखिक भाषा कहते हैं।

जैसे:- आमने-सामने या दूरभाष की बातचीत, वाद-विवाद, भाषण, प्रवचन, व्याख्यान आदि।

9. लिखित भाषा किसे कहते हैं ? (Likhit Bhasha Kise Kahate Hain):-

भाषा का वह स्वरुप, जिसके माध्यम से  पढ़कर और लिखकर अपने भावों, विचारों या सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं, उसे लिखित भाषा कहते हैं।

जैसे:- पत्र, सामाचार पत्र, पुस्तकें, डायरी, मोबाइल सन्देश आदि।

10. सांकेतिक भाषा किसे कहते हैं ? (Sanketik Bhasha Kise Kahate Hain) :-

भाषा का वह स्वरुप, जिसके माध्यम से हम अपने शारीरिक अंगों, संकेतों, चित्रांकित चिन्हों, रंगों आदि की सहायता से अपने भावों, विचारों या सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं, उसे सांकेतिक भाषा कहते हैं।

जैसे निम्नलिखित दिये गये हैं :-

शारीरिक अंगों के द्वारा –  सामान्य जीवन में अपने शारीरिक अंगों की सहायता से कोई गुप्त संदेश देना, क्रिकेट के मैदान में अंपायर के द्वारा शारीरिक अंगों की सहायता से आऊट, वाइड बॉल, नो बॉल, चौके, छक्के आदि का इशारा करना।

संकेत द्वारा – तीर चिन्ह द्वारा किसी सड़क या विशेष स्थानों जैसे प्रसिद्ध मंदिर, खेल मैदान, स्टेशन, अस्पताल आदि का दिशा – प्रदर्शन।

चित्रांकित चिन्हों द्वारा :- राजमार्ग आदि पर सूचना पट्ट के माध्यम से अस्पताल (नीले पट्ट पर बेड का चित्र और + का चिन्ह) , पेट्रोल पंप (आयताकार पट्ट पर नोडल सहित पंप का चित्र), शौचालय आदि का प्रदर्शन।

रंगों के द्वारा :- रेलगाड़ी के लिए सिग्नल या चौराहे पर लाल, पीला और हरा ट्रैफिक लाइट आदि।

11. भाषा के प्रकार (Bhasha ke prakar):-

(i) बोली किसे कहते हैं? (Boli kise kehte hain) :-

भाषा का वह रुप, जिसका प्रयोग सीमित क्षेत्र में स्थानीय लोगों के द्वारा पारस्परिक बोल-चाल में किया जाता है, उसे (Dialect) बोली कहते हैं।

जैसे:- ठेठी, अंगिका, थारु, मगही या मगधी आदि।

(ii) विभाषा या उपभाषा किसे कहते हैं? Vibhasha ya UpBhasha Kise Kahate Hain?

बोली का वह विकसित स्वरूप जिसमें कविता, कहानी, नाटक जैसी साहित्यिक रचनाएंँ होने लगती है, उसे (Sub – language) विभाषा या उपभाषा कहते हैं।

जैसे:- अवधी, ब्रजभाषा, भोजपुरी, मैथिली आदि।

(iii) राजभाषा भाषा किसे कहते हैं? (Rajbhasha Bhasha Kise Kahate Hain)?

किसी देश अथवा राज्य की सरकार द्वारा प्रशासनिक, न्यायिक और आधिकारिक कार्यों के लिए स्वीकृत भाषा को (Official Language) राजभाषा कहते हैं।

जैसे:- हिंदी भारत की राजभाषा जबकि अंग्रेजी सहायक राजभाषा है।

★ राजभाषा के अन्य नाम कार्यालयी भाषा, आधिकारिक भाषा, प्रशासनिक भाषा, दरवारी भाषा आदि हैं।

(iv) राष्ट्रभाषा भाषा किसे कहते हैं? (Rashtrabhasha Kise Kahate Hain) :-

किसी देश अथवा राष्ट्र की वह भाषा जो वहांँ के सामाजिक और सांस्कृतिक भावनाओं को वहन करने के साथ – साथ आम जनों के द्वारा व्यापक रूप से प्रयोग में लायी जाती है, उसे उस देश अथवा राष्ट्र की राष्ट्रभाषा कहते हैं।

जैसे:- “नेपाली” नेपाल की राष्ट्रभाषा है।

नोट:- भारत की कोई राष्ट्रभाषा नहीं है।

12. प्रमुख राष्ट्र एवं उनकी राष्ट्रभाषा :-

राष्ट्रराष्ट्रभाषा
नेपालनेपाली ।
बांग्लादेशबंग्ला ।
श्रीलंकासिंहली तथा तमिल।
पाकिस्तानउर्दू ।
चीनचीनी/मंडारिन ।
इंग्लैंडअंग्रेजी ।
जापाननिहोंगो।
स्पेन स्पेनिश।
ब्राजीलपुर्तगाली।
फ्रांस फ्रेंच।
फिजी हिंदी, अंग्रेजी और फिजियन।
(V) अंतरराष्ट्रीय भाषा किसे कहते हैं? (Antarrashtriya Bhasha Kise Kahate Hain)

विश्व के अनेक देशों में प्रयुक्त वह भाषा, जिसकी सहायता से दो या अधिक देशों के लोग परस्पर संवाद स्थापित करते हैं उसे (International Language) अंतरराष्ट्रीय भाषा कहते हैं।

जैसे:- अंग्रेजी, फ्रेंच, अरबी आदि।

(vi) मातृभाषा किसे कहते हैं? (Matribhasha Kise Kahate Hain)

वह प्राथमिक भाषा, जिसे बच्चा अपने परिवार और समाज के लोगों से सीखता है, उसे (Mother Tongue) मातृभाषा कहते हैं।

जैसे:- मिथिला क्षेत्र के लोगों की मातृभाषा मैथिली होती है।

13. संयुक्त राष्ट्रसंघ की आधिकारिक भाषा –

संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा निम्नलिखित छ: भाषाओं को आधिकारिक भाषा के रुप में स्वीकार किया गया है:-

(i) अंग्रेजी

(ii) रुसी

(iii) चीनी /मंदारिन

(iv) फ्रेंच

(v) स्पेनिश

(vi) अरबी

14. भाषा की उत्पत्ति के प्रमुख सिद्धांत –

(i) दैवी उत्पत्ति सिद्धांत :- भाषा की उत्पत्ति अथवा विकास के संबंध में यह सबसे प्राचीन मत अथवा सिद्धांत है। इस सिद्धांत के प्रवर्तनकर्ताओं का कथन है कि भाषा की उत्पत्ति ईश्वरीय शक्ति के द्वारा की गई है। जिस प्रकार ईश्वर ने मनुष्यों और अन्य वस्तुओं को बनाया उसी प्रकार उनके द्वारा भाषा का निर्माण भी किया गया।

आपत्तियां – इस मत अथवा सिद्धांत के संबंध में विद्वानों के बीच व्यापक मतभेद देखने को मिलता है। इस सिद्धांत को नकारते हुए कई विद्वानों का कहना है कि यदि भाषा की उत्पत्ति ईश्वर द्वारा की गई होती तो सभी भाषाएं एक समान होती। कम से कम एक धर्म के अनुयायियों के द्वारा प्रयुक्त भाषा में इतने अधिक अंतर देखने को नहीं मिलता। भाषाओं की संख्या इतनी अधिक नहीं होती।

उपसंहार – भाषा की उत्पत्ति के संदर्भ में यह प्राचीन सिद्धांत तर्क की कसौटी पर खरा नहीं उतरता है। इस सिद्धांत के पक्ष में प्रस्तुत किए गए वैचारिक तथ्यों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का घोर अभाव है। अतः भाषा की उत्पत्ति अथवा विकास के संबंध में इस सिद्धांत को विश्वसनीय नहीं माना जाता है।

(ii) सांकेतिक सिद्धांत (Symbolic Theory) :-  इस सिद्धांत का प्रतिपादक महान फ्रांसीसी विचारक रुसो है। इस सिद्धांत को ‘निर्णय सिद्धांत’ के नाम से भी प्रसिद्धि प्राप्त है। इस सिद्धांत में कहा गया है कि आदि मानवों के द्वारा अपने भावों या विचारों को शारीरिक अंगों की सहायता से सांकेतिक रूप में प्रकट किया जाता था।

कालान्तर में उनके द्वारा सांकेतिक कठिनाई से पार पाने अथवा विचार विनिमय को अधिक सुगम बनाने के लिए सामाजिक स्तर पर सामूहिक रूप से विभिन्न वस्तुओं या भावों या फिर विचारों के लिए सर्वमान्य ध्वन्यात्मक संकेत तय करने का निर्णय लिया गया होगा। (इसलिए इसे ‘निर्णय सिद्धांत’ भी कहा जाता है।) और उसी निर्णय के परिणामस्वरूप भाषा का निर्माण हुआ।

आपत्तियां :-  इस सिद्धांत के संबंध में विद्वानों के बीच व्यापक वैचारिक विषमता देखने को मिलता है। कुछ विद्वान इसे ऐसी कोरी कल्पना मानते हैं जिसका वास्तविकता से दूर – दूर तक कोई संबंध नहीं है। कुछ विद्वानों का कथन है कि जब शब्दों का निर्धारण ही नहीं हुआ तो सामूहिक रूप से लोगों को एकत्रित कैसे किया गया होगा?

भाषा के अभाव में निर्णय कैसे लिया गया होगा? इस पर सामूहिक सहमति कैसे बनी होगी? भाषा की उत्पत्ति इस सिद्धांत के अनुसार हुई है। यदि ऐसा मान लिया जाए तो फिर मनुष्य भी अन्य प्राणियों की तरह अबतक भाषा विहीन ही होते।

उपसंहार :- यह सिद्धांत तर्क संगत प्रतीत नहीं होता है। ऐसा लगता है कि इस सिद्धांत का प्रतिपादन सिर्फ कोरी कल्पना के आधार पर किया गया है। अन्यथा इस सिद्धांत के प्रकथन में इतने व्यापक अंतर्विरोध देखने को नहीं मिलता।

(iii) अनुरणन मूलकतावाद सिद्धांत :-  इस सिद्धांत के प्रतिपादन का श्रेय महान दार्शनिक ‘प्लेटो’ महोदय को दिया जाता है। इस सिद्धांत के अनुसार संसार में प्रत्येक चीज की एक अलग ध्वनि है। जैसे विद्यालय की घंटी को लकड़ी से पीटने पर अलग ध्वनि जबकि लोहा से पीटने पर अलग ध्वनि की उत्पत्ति होती है। इस सिद्धांत में आदि मानव के संबंध में एक प्रकार की स्वाभाविक शक्ति की बात कही गई है।

जिसके प्रभाव से आदि मानव को लगभग 400-500 धातुओं के निर्माण में सफलता मिली। इन धातुओं से भाषा का निर्माण होते ही आदि मानव का वह स्वाभाविक शक्ति भी समाप्त हो गई। पहले तो मैक्समूलर ने इस सिद्धांत को स्वीकार कर लिया था लेकिन बाद में व्यर्थ बताते हुए इसे अस्वीकार कर दिया।

आपत्तियां :-  इस सिद्धांत में धातुओं के निर्माण के संबंध में जिस सहज अथवा स्वाभाविक शक्ति की कल्पना की गई है, उसका कोई वास्तविक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। इस सिद्धांत के अनुसार सभी भाषाओं का निर्माण धातुओं से बताई गई है जबकि चीनी आदि भाषाओं में धातु – सिद्धांत का पालन नहीं हुआ है। इस तरह विद्वानों ने आदि मानव के सहज शक्ति सिद्धांत का जोरदार खंडन किया है।

उपसंहार :- यह सिद्धांत किसी न किसी रूप में दैवी उत्पत्ति के सिद्धांत का पालन करता हुआ प्रतीत होता है। उपरोक्त सिद्धांतों की भांति यह सिद्धांत भी तर्कों की कसौटी पर खरा उतरने में विफल रहा है। हां, इस सिद्धांत का एक बात मानने योग्य है कि प्रत्येक चीज की एक अलग ध्वनि होती है।

(iv) प्रतीकात्मक सिद्धांत :- इस सिद्धांत के प्रतिपादन करने वाले विद्वानों का विचार था कि मनुष्यों ने एकत्रित होकर सर्वप्रथम कुछ वस्तुओं के लिए नामों अथवा प्रतीकों का निर्धारण किया, और यहीं से भाषा का निर्माण आरंभ हुआ। इसका अन्य नाम सिद्धांतवाद या प्रतीकवाद है। यद्यपि इस सिद्धांत के विरुद्ध भी कई तरह के तर्क दिए गए हैं।

(v) मनोभावाभिव्यक्तिवाद (Pooh-Pooh Theory) :- इस सिद्धांत के प्रतिपादनकर्ताओं का मत था कि भाषा की उत्पत्ति आवेगों अथवा उत्तेजनाओं के आधार पर हुई है। डार्विन जैसे विद्वान लेखक के द्वारा भी इस सिद्धांत का समर्थन किया गया है। इस सिद्धांत का अन्य नाम आवेग सिद्धांत, मनोरागव्यंजकवाद या पूह-पूहवाद आदि नामों से भी जाना जाता है।

इस सिद्धांत के माध्यम से यह बताने का प्रयत्न किया गया है कि मनुष्य भावनात्मक रूप से अस्थिर प्राणि है और बदलते हुए परिस्थितियों के अनुसार उनके द्वारा जो अकस्मात ध्वनि ओह, आह, वाह, हे आदि उत्पन्न किया जाता है। यह भाषा की उत्पत्ति का मूल कारण है।

                       परन्तु इस सिद्धांत में भी असमानता, शब्दों के व्यापक भंडार जैसे व्यापक विसंगतियों के कारण इस सिद्धांत को स्वीकार करने में कई अड़चनें हैं।

(vi) श्रम परिहरण मूलकतावाद (Yo-He-Ho Theory):- इस सिद्धांत में यह बताया गया है कि व्यक्ति शारीरिक श्रम करने वाले श्रमिकों द्वारा हे…, हो…, ए…. आदि शब्दों का अनायास या हास-परिहास या अपनी थकान मिटाने में निकला होगा उसी से धीरे-धीरे भाषा का विकास हुआ है। इस सिद्धांत का अन्य नाम क्रियात्मक सिद्धांत भी है।

                                 यद्यपि सामान्य जीवन में ऐसे शब्दों की अनुपस्थिति या अनुपलब्धता को देखते हुए इस सिद्धांत को स्वीकार करना सर्वथा अनुचित है।

(vii) विकासवाद (Evolution Theory) :- यह सिद्धांत भाषा के विकास की दृष्टि से सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक चिन्तन पर आधारित है। इस सिद्धांत के अनुसार भाषा का विकास मनुष्य के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के साथ शनै: शनै: अर्थात धीरे – धीरे हुआ है। यद्यपि ध्वनि और अर्थ के पारस्परिक संबंध में स्थिरता के अभाव के कारण इस सिद्धांत को भी सहज रूप से स्वीकार करना कठिन है।

(viii) धातु सिद्धांत (Root Theory) :- इस सिद्धांत का प्रतिपादन प्रसिद्ध जर्मन भाषाविद् फ्रेडरिक मैक्समूलर द्वारा किया गया है। यह सिद्धांत डिंग-डांँग सिद्धांत के नाम से भी जाना जाता है। इस सिद्धांत में संस्कृत के महान विद्वान मैक्समूलर ने बताया है कि प्रत्येक वस्तु में अपना एक विशिष्ट अर्थात अद्वितीय ध्वनि होती है जो उन्हें एक-दूसरे से अलग करती है।

जिस प्रकार किसी धातु पर प्रहार करने से एक विशिष्ट ध्वनि उत्पन्न होती है उसी अनुरूप मनुष्यों के मुख से भी विभिन्न क्रियाओं और उसके प्रतिक्रियाओं या परिस्थितियों के अनुसार ध्वनि निकलने लगी और समय के साथ इन्हीं ध्वनियों के आधार पर भाषा का विकास हुआ।

                        यद्यपि इस सिद्धांत को इस आधार पर स्वीकार करना बहुत कठिन है।

(ix) अनुकरण – मूलकतावाद :- इस सिद्धांत के प्रतिपादन करने वाले विद्वानों का कहना था कि भाषा की उत्पत्ति प्रकृति में उपस्थित पशु-पक्षियों की ध्वनियों के अनुकरण के आधार पर हुआ है। मनुष्यों ने प्रकृति प्रदत्त इन ध्वनियों के अनुकरण के द्वारा भाषा का विकास किया, परन्तु इस कथन को लेकर सबसे बड़ी आपत्तिजनक बातें यह है कि जब प्रकृति ने सबको ध्वनियांँ प्रदान की तो फिर मनुष्यों को क्यों नहीं?

15. दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाली दस भाषाएंँ :-

(i) अंग्रेजी

(ii) चीनी/मंडारिन

(iii) हिंदी

(iv) स्पेनिश

(v) फ्रेंच

(vi) अरबी

(vii) बंग्ला

(viii) पुर्तगाली

(ix) रुसी

(x) उर्दू

16. मातृभाषा के आधार पर दस सबसे बड़ी भाषाएंँ :-

(i) चीनी/मंडारिन

(ii) स्पेनिश

(iii) अंग्रेजी

(iv) हिंदी

(v) बंग्ला

(vi) पुर्तगाली

(vii) रुसी

(viii) जापानी

(ix) पंजाबी

(x) मराठी

17. विश्व के दस सबसे प्राचीन भाषा:-

(i) सुमेरियन ।

(ii) मिस्री ।

(iii) अक्कादी ।

(iv) एलामाइट।

(v) तमिल ।

(vi) संस्कृत ।

(vii) चीनी या मंडारिन ।

(viii) हिब्रू ।

(ix) ग्रीक या  यूनानी ।

(x) अरामी या अरमाइक।

★ नोट:- उपरांकित सूची में क्रमान्तर संभव है।

18. भाषा परिवार :-

दो या दो से अधिक ऐसी भाषाओं का समूह जिसकी उत्पत्ति एक ही मूल भाषा या आदि भाषा से मानी जाती है, उसे भाषा परिवार कहते हैं।

जैसे:- भारोपीय भाषा परिवार, द्रविड़ भाषा परिवार आदि

19. भाषान्तरण (Translation) :-

किसी भाषा में व्यक्त भावों या विचारों को दूसरी भाषा में रुपांतरित करने की क्रिया को भाषांतरण कहते हैं।

जैसे:-

  • हिंदी में – दिनेश दिवना मेरा भाई है।
  • अंग्रेजी में – Dinesh Diwana is my brother.

20. भाषा विज्ञान किसे कहते हैं? Bhasha vigyan Kise Kahate Hain :-

जिस शास्त्र के अंतर्गत भाषा की उत्पत्ति, संरचना, अर्थ, ध्वनि, उच्चारण, प्रयोग, प्रकृति आदि का वैज्ञानिक विधि से अध्ययन किया जाता है उसे ( Linguistics) भाषा विज्ञान कहते हैं।

21. परिभाषा किसे कहते हैं? Paribhasha Kise Kahate Hain?

किसी विषय, वस्तु, घटना या शब्द के संक्षिप्त, स्पष्ट और सटीक परिचय को उसकी (Definition) परिभाषा कहते हैं।

जैसे:- वृत्ताकार या अंडाकार मैदान में गेंद, बल्ले और विकेट की सहायता से दो टीमों के बीच होने वाले खेल को क्रिकेट कहते हैं।

22. प्रमुख धर्मग्रंथ ,धर्म और उनकी भाषा :-

धर्मग्रंथधर्मभाषा
(i) वेद  हिंदूसंस्कृत
(ii) भगवद्गीता हिंदूसंस्कृत
(iii) रामायण हिंदूसंस्कृत
(iv) महाभारतहिंदूसंस्कृत
(v) रामचरितमानसहिंदूअवधि
(vi) कुरानइस्लामअरबी
(vii) हदीसइस्लामअरबी
(viii) बाइबलईसाईहिब्रू , अरामी/अरमाइक, ग्रीक।
(ix) त्रिपिटकबौद्धपाली।
(x) तनाखयहूदीहिब्रू और अरमाइक।

23. विश्व की प्रमुख भाषाएँ और उनमें बनी पहली बोलती फिल्म :-

प्रमुख भाषाएँपहली बोलती फिल्म
(i) हिंदीआलम आरा ।
(ii) अंग्रेजी द जैज सिंगर/ The Jazz Singer
(iii) बंगालीजमाई षष्ठी ।
(iv) मराठी अयोध्येचा राजा ।
(v) कन्नड़सती सुलोचना ।
(vi) तेलगुभक्त प्रह्लाद।
(vii) तमिलकालिदास।
(viii) भोजपुरीगंगा मईया तोहे पियरी चढ़ईबो।
(ix) मैथिलीकन्यादान।
(x) नेपाली सत्य हरिश्चन्द्र (भारत में बनी 1951ई. ) , आमा ( नेपाल में बनी 1964 ई.)
(xi) संस्कृतआदि शंकराचार्य ।

24. विश्व की प्रमुख भाषाएंँ और उनकी पहली पत्रिका:-

प्रमुख भाषाएंँपहली पत्रिका
(i) हिंदी उदन्त मार्तण्ड ।
(ii) अंग्रेजीद ऑक्सफोर्ड गैजेट ।
(iii) संस्कृतसंस्कृत चंद्रिका ।
(iv) नेपालीगोरखापत्र ।
(v) तमिलतमिल मैगजीन ।
(vi) तेलगुवृत्तांन्तिनी ।
(vii) मराठीदर्पण ।
(viii) बंगालीसमाचार दर्पण ।
(ix) गुजरातीमुंबई समाचार।
(x) मलयालमराज्य समाचारम् ।
(xi) उर्दूजामे – जहाँ – नुमा।

25. विश्व की प्रमुख भाषाएं और उनके उपनाम:-

प्रमुख भाषाएंउनके उपनाम
(i) संस्कृतदेवभाषा/ देववाणी ।
(ii) अंग्रेजीअंतरराष्ट्रीय या वैश्विक भाषा ।
(iii) तेलुगूपूर्व का इटालियन।
(iv) फ्रेंचकूटनीति की भाषा।
(v) लैटिनमृत भाषा ।
(vi) अरबीकुरान की भाषा ।

26. प्रमुख भाषा एवं उनसे संबंधित जनक :-

प्रमुख भाषासंबंधित जनक
(i) आधुनिक हिंदी के जनकभारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(ii) अंग्रेजी साहित्य के जनकज्योफ्री चाउसर ।
(iii) आधुनिक गुजराती का जनक नर्मदा ।
(iv) आधुनिक बंग्ला गद्य के जनक ईश्वरचन्द्र विद्यासागर
(v) आधुनिक मलयालम के जनकतुंचत्तु एझुत्तासन ।

27. जिस प्रकार भाषा को हिंदी में भाषा, अंग्रेजी में Language कहा जाता है उसी प्रकार अन्य भाषा में “भाषा” के लिए शब्द:-

(i) हिंदी ––––––––––– भाषा

(ii) अंग्रेजी ––––––––––– Language

(iii) बंग्ला ––––––––––– भाषा

(iv) संस्कृत ––––––––––– भाषा

(v) नेपाली ––––––––––– भाषा

(vi) पंजाबी ––––––––––– भाषा

(vii) मलयालम ––––––––––– भाषा

(viii) गुजराती ––––––––––– भाषा

(ix) उर्दू ––––––––––– ज़बान

(x) तमिल ––––––––––– मोझि (Mozhi)

(xi) तेलुगु ––––––––––– भाषा

(xii) मराठी ––––––––––– भाषा

(xiii) कन्नड़ ––––––––––– भाषे

(xiv) रुसी ––––––––––– याजिक (Yazyk)

(xv) फ़ारसी ––––––––––– ज़बान

(xvi) तुर्की ––––––––––– दिल (Dil)

(xvii) अरबी ––––––––––– लुगह (Lughah

(xviii) सिंहली ––––––––––– भाषाव

(xix) स्पेनिश ––––––––––– लिंगुआ

(xx) चीनी ––––––––––– युयान

(xxi) जापानी ––––––––––– गेंगो (Gengo)

28. भारत की शास्त्रीय भाषा एवं घोषणा वर्ष :-

(i) तमिल –––––––––– 2004

(ii) संस्कृत –––––––––– 2005

(iii) कन्नड़ –––––––––– 2008

(iv) तेलगु –––––––––– 2008

(v) मलयालम –––––––––– 2013

(vi) ओड़िया –––––––––– 2014

(vii) मराठी –––––––––– 2024

(viii) पाली –––––––––– 2024

(ix) प्राकृत –––––––––– 2024

(x) असमिया –––––––––– 2024

(xi) बंग्ला/बंगाली ––––––––– 2024

29. शास्त्रीय भाषा की घोषणा कौन करता है?
– भारत में शास्त्रीय भाषा की घोषणा संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया जाता है।

30. प्रमुख भाषा एवं उनका अंतरराष्ट्रीय दिवस की सूची:-

(i)अंतरराष्ट्रीय या विश्व हिंदी दिवस ––––––––– 10 जनवरी

(ii) अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस –––––––– 21 फरवरी

(iii) विश्व तमिल भाषा दिवस –––––––– 15 जनवरी

(iv) विश्व उर्दू दिवस –––––––– 9 नवंबर

(v) अंतरराष्ट्रीय अंग्रेजी भाषा दिवस –––––––– 23 अप्रैल

(vi) अंतरराष्ट्रीय स्पेनिश भाषा दिवस –––––––– 23 अप्रैल

(vii) अंतरराष्ट्रीय फ्रेंच भाषा दिवस –––––––– 20 मार्च

(vii) अंतरराष्ट्रीय चीनी भाषा दिवस ––––––––. 20 मार्च

(viii) अंतरराष्ट्रीय रुसी भाषा दिवस –––––––– 6 जून

(ix) अंतरराष्ट्रीय अरबी भाषा दिवस –––––––– 18 दिसंबर

(x) अंतरराष्ट्रीय पुर्तगाली भाषा दिवस –––––––– 5 मई

(x) अंतरराष्ट्रीय पुर्तगाली भाषा दिवस –––––––– 5 मई

(xi) अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस ––––– 23 सितंबर

नोट:- संयुक्त राष्ट्र संघ प्रत्येक वर्ष अपनी आधिकारिक भाषाओं का दिवस मनाता है।

वैकल्पिक प्रश्नोत्तर:-

(i) ‘भाषा’ शब्द की उत्पत्ति किस शब्द से हुई है?

(क) भाष (ख) भाष्  (ग) संस्कृत (घ) भास्

उत्तर – (ख) भाष्

(ii) भाषा का शाब्दिक अर्थ होता है?

(क) बोलना (ख) कहनना (ग) बोलना और कहना दोनों       (घ) बुलाना

उत्तर – (ग) बोलना और कहना दोनों

(iii) भाषा कौन-सी संपत्ति है?

 (क) सामाजिक  (ख) व्यक्तिगत (ग) पारिवारिक (घ) पैतृक

उत्तर – (क) सामाजिक

(iv) मौखिक भाषा की सबसे छोटी इकाई है?

 (क) वर्ण (ख) शब्द (ग) वाक्य (घ) ध्वनि

उत्तर – (घ) ध्वनि

(v) निम्नलिखित में से किसको देववाणी कहा गया है?

(क) संस्कृत  (ख) तमिल (ग) मैथिली (घ) नेपाली

उत्तर – (क) संस्कृत

(vi) निम्नलिखित में भाषा की सबसे बड़ी इकाई कौन-सी है?

(क) ध्वनि (ख) वर्ण (ग) शब्द (घ) वाक्य

उत्तर – (घ) वाक्य

(vii) निम्नलिखित में प्रेम की भाषा कौन-सी है?

(क) हिंदी (ख) संस्कृत (ग) फ्रेंच (घ) अंग्रेजी

उत्तर – (ग) फ्रेंच

(viii) दुनिया की लगभग सभी भाषाएं कितने भाषा परिवार में विभक्त हैं?

(क) 16 (ख) 18 (ग) 22 (घ) 12

उत्तर – (घ) 12

(ix) इटालियन भाषा को किसकी भाषा कही जाती है?

(क) संगीत की भाषा (ख) प्रेम की भाषा (ग) देवताओं की भाषा (घ) विज्ञान की भाषा

उत्तर – (क) संगीत की भाषा

(x) ‘हाथ से इशारा करना’ किस भाषा का उदाहरण है?

(क) मौखिक (ख) लिखित  (ग) सांकेतिक  (घ) इनमें से कोई नहीं

उत्तर – (ग) सांकेतिक

(xi) ‘टेलीफोनिक बातचीत’ किस तरह की भाषा के उदाहरण है?

(क) मौखिक (ख) सांकेतिक  (ग) लिखित (घ) इसमें से सभी।

उत्तर – (क) मौखिक

(xii) निम्नलिखित में बोली है?

 (क) नेपाली  (ख) अरबी (ग) अंगिका  (घ) तमिल

उत्तर –  (ग) अंगिका

(xiii) फिजी की राष्ट्रभाषा है?

(क) हिंदी  (ख) अरबी (ग) उर्दू  (घ) भोजपुरी

उत्तर – (क) हिंदी

(xiv) बोली के विकसित स्वरूप कहलाते हैं?

(क) उपभाषा  (ख) विभाषा  (ग) उपभाषा तथा विभाषा दोनों (घ) राजभाषा

उत्तर – (ग) उपभाषा तथा विभाषा दोनों

(xv) निम्नलिखित में संयुक्त राष्ट्रसंघ की आधिकारिक भाषा कौन-सी है?

(क) हिंदी  (ख) रूसी  (ग) जापानी (घ) सिंहली

उत्तर – (ख) रूसी

परीक्षा में पूछे जाने वाले कुछ और महत्वपूर्ण MCQs:-

भाषा किसे कहते हैं? Bhasha Kise Kahate Hain

(A) लिखने की कला
(B) चित्र बनाने की विधि
(C) भावों, विचारों एवं सूचनाओं के आदान-प्रदान का माध्यम
(D) इनमें से कोई नहीं

✅ सही उत्तर: (C) भावों, विचारों एवं सूचनाओं के आदान-प्रदान का माध्यम |

‘भाषा’ शब्द की उत्पत्ति किस धातु से हुई है?

(A) वच्
(B) कथ्
(C) भाष्
(D) वद्

✅ सही उत्तर: (C) भाष् |

‘भाषा’ का शाब्दिक अर्थ क्या है?

(A) सुनना
(B) लिखना
(C) बोलना या कहना
(D) पढ़ना

✅ सही उत्तर: (C) बोलना या कहना |

Maukhik Bhasha Kise Kahate Hain

(A) जो पुस्तक में लिखित हो
(B) जो बोलकर और सुनकर समझी जाए
(C) जो केवल संकेतों से व्यक्त हो
(D) जो केवल पढ़ी जाए

✅ सही उत्तर: (B) जो बोलकर और सुनकर समझी जाए |

Likhit Bhasha Kise Kahate Hain

(A) बोलकर व्यक्त की जाने वाली भाषा
(B) संकेतों द्वारा व्यक्त भाषा
(C) पढ़कर और लिखकर व्यक्त की जाने वाली भाषा
(D) केवल सुनने योग्य भाषा

✅ सही उत्तर: (C) पढ़कर और लिखकर व्यक्त की जाने वाली भाषा |

सांकेतिक भाषा किसे कहते हैं?

(A) केवल लिखित भाषा
(B) केवल मौखिक भाषा
(C) संकेतों, चित्रों एवं शारीरिक अंगों द्वारा व्यक्त भाषा
(D) इनमें से सभी

✅ सही उत्तर: (C) संकेतों, चित्रों एवं शारीरिक अंगों द्वारा व्यक्त भाषा |

मौखिक भाषा की सबसे छोटी इकाई क्या है?

(A) वाक्य
(B) शब्द
(C) ध्वनि
(D) वर्ण

✅ सही उत्तर: (C) ध्वनि |

लिखित भाषा की सबसे छोटी इकाई क्या है?

(A) शब्द
(B) वर्ण
(C) वाक्य
(D) ध्वनि

✅ सही उत्तर: (B) वर्ण |

भाषा की सबसे बड़ी इकाई कौन-सी है?

(A) वर्ण
(B) ध्वनि
(C) शब्द
(D) वाक्य

✅ सही उत्तर: (D) वाक्य |

भाषा का कौन-सा स्वरूप बोलकर और सुनकर समझा जाता है?

(A) लिखित भाषा
(B) सांकेतिक भाषा
(C) मौखिक भाषा
(D) राजभाषा

✅ सही उत्तर: (C) मौखिक भाषा |

पत्र, पुस्तक और समाचार पत्र किस भाषा के उदाहरण हैं?

(A) मौखिक भाषा
(B) सांकेतिक भाषा
(C) लिखित भाषा
(D) इनमे से कोई नहीं

✅ सही उत्तर: (C) लिखित भाषा |

ट्रैफिक सिग्नल किस भाषा का उदाहरण है?

(A) मौखिक भाषा
(B) लिखित भाषा
(C) सांकेतिक भाषा
(D) राजभाषा

✅ सही उत्तर: (C) सांकेतिक भाषा |

भाषा का मुख्य कार्य क्या है?

(A) केवल मनोरंजन करना
(B) केवल पढ़ाना
(C) भावों और विचारों का आदान-प्रदान करना
(D) केवल परीक्षा पास करना

✅ सही उत्तर: (C) भावों और विचारों का आदान-प्रदान करना |

भाषा किस प्रकार की संपत्ति मानी जाती है?

(A) व्यक्तिगत संपत्ति
(B) सामाजिक संपत्ति
(C) पारिवारिक संपत्ति
(D) आर्थिक संपत्ति

✅ सही उत्तर: (B) सामाजिक संपत्ति |

भाषा विज्ञान में किसका अध्ययन किया जाता है?

(A) केवल व्याकरण
(B) केवल साहित्य
(C) भाषा की उत्पत्ति, संरचना, ध्वनि, अर्थ और प्रयोग
(D) केवल कविता

✅ सही उत्तर: (C) भाषा की उत्पत्ति, संरचना, ध्वनि, अर्थ और प्रयोग |

भाषा का अध्ययन करने वाले शास्त्र को क्या कहते हैं?

(A) व्याकरण
(B) भाषा विज्ञान
(C) साहित्य
(D) काव्यशास्त्र

✅ सही उत्तर: (B) भाषा विज्ञान |

निष्कर्ष (Conclusion):-

उम्मीद है कि इस लेख को पढ़ने के बाद आपको Bhasha Kise Kahate Hain, Bhasha Ki Paribhasha, Maukhik Bhasha Kise Kahate Hain तथा Likhit Bhasha Kise Kahate Hain जैसे सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर मिल गए होंगे। साथ ही भाषा का अर्थ, विशेषताएँ, स्वरूप, प्रकार और भाषा की उत्पत्ति से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी सरल एवं आसान शब्दों में समझ आ गई होगी।

यदि आपको Bhasha Kise Kahate Hain से संबंधित यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो इस लेख को अपने मित्रों के साथ अवश्य साझा करें। साथ ही यदि Bhasha Kise Kahate Hain, Bhasha Ki Paribhasha, Maukhik Bhasha Kise Kahate Hain या Likhit Bhasha Kise Kahate Hain से जुड़ा आपका कोई प्रश्न हो, तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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